ऐसी औरत से प्रेम मत करो ….

ऐसी औरत को प्रेम मत करो

जो पढती है,

महसूसती है और लिखती भी है।

एक पढ़ी लिखी,

भ्रममुक्त, जुनून जीती हुई औरत के साथ तो कभी प्यार में मत पड़ना।

एक ऐसी औरत जो सोचती है,

जानती है कि वह क्या जानती है,

उड़ान भरना जानती है

और उससे ज्यादा अहम कि खुद को जानती है

उससे भी नहीं।

जो हंसती है,

अपने अहसास को जिस्म देती है

और उसे तो छोड़ ही दो जो कविताओं में जीती है (सबसे ख़तरनाक प्रकार)

पेंटिंग करने के पहले आधा घंटा सोचती है

और संगीत के बिना ज़िंदा नहीं रह सकती उसके बारे में सोचना तो छोड़ ही दो।

ऐसी औरत जो टेलीविजन देखती ही नहीं उसको प्यार मत करना।

ऐसी औरत को भी नहीं जिसकी खूबसूरती चेहरे और जिस्म पर नहीं निर्भर है।

एक शिद्दत से जीती हुई, मज़ेदार, पारदर्शी, बेजोड़ और कभी कभी बेतुकी भी हो

उसके प्यार में मत पड़ जाना।

क्योंकि जब ऐसी औरत से प्यार करने लगोगे तब वो तुम्हारे साथ रहे न रहे, तुम्हें प्यार करे न करे

मगर तुम उसके प्यार से फिर लौट कर नहीं आओगे।

वहीं रह जाओगे।

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Belly Button (Nabhi) 🙋🏻‍♂️

DID YOU KNOW?

Our belly button (NABHI ) is an amazing gift given to us by our creator. A 62 year old man had poor vision in his left eye. He could hardly see especially at night and was told by eye specialists that his eyes were in a good condition but the only problem was that the veins supplying blood to his eyes were dried up and he would never be able to see again.

According to Science, the first part created after conception takes place is the belly button. After it’s created, it joins to the mother’s placenta through the umbilical chord.

Our belly button is surely an amazing thing! According to science, after a person has passed away, the belly button is still warm for 3 hours the reason being that when a woman conceives a child, her belly button supplies nourishment to the child through the child’s belly button. And a fully grown child is formed in 270 days = 9 months.

This is the reason all our veins are connected to our belly button which makes it the focal point of our body. Belly button is life itself!

The “PECHOTI” is situated behind the belly button which has 72,000 plus veins over it. The total amount of blood vessels we have in our body are equal to twice the circumference of the earth.

Applying oil to belly button CURES dryness of eyes, poor eyesight, pancreas over or under working, cracked heels and lips, keeps face glowing, shiny hair, knee pain, shivering, lethargy, joint pains, dry skin.

REMEDY For dryness of eyes, poor eyesight, fungus in nails, glowing skin, shiny hair

At night before bed time, put 3 drops of pure ghee or coconut oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

For knee pain

At night before bed time, put 3 drops of castor oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

For shivering and lethargy, relief from joint pain, dry skin

At night before bed time, put 3 drops of mustard oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

WHY PUT OIL IN YOUR BELLY BUTTON?

You belly button can detect which veins have dried up and pass this oil to it hence open them up.

When a baby has a stomach ache, we normally mix asafoetida (hing) and water or oil and apply around the naval. Within minutes the ache is cured. Oil works the same way.

Try it. There’s no harm in trying.

You can keep a small dropper bottle with the required oil next to your bed and drop few drops onto navel and massage it before going to sleep. This will make it convenient to pour and avoid accidental spillage.

दही में नमक डाल कर न खाऐं

दही में नमक डाल कर न खाऐं

कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.

इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है. अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए, क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है.

*हम दही केवल बैक्टीरिया के लिए खाते हैं.* दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है. अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे. अगर आप मीठा दही खायेंगे तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफ़ी फायेदेमंद साबित होंगे. *वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जायेंगे* और उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी. अगर आप 100 किलो दही में एक चुटकी नामक डालेंगे तो दही के सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जायेंगे. क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन है.

आयुर्वेद में कहा गया है कि दही में ऐसी चीज़ मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढाये ना कि उन्हें मारे या खत्म करे | दही को गुड़ के साथ खाईये. गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है और वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं. थोड़ी देर गुड मिला कर रख दीजिए. बूरा डालकर भी दही में जीवाणुओं की ग्रोथ कई गुना ज्यादा हो जाती है. मिश्री को अगर दही में डाला जाये तो ये सोने पर सुहागे का काम करेगी. भगवान कृष्ण भी दही को मिश्री के साथ ही खाते थे. पुराने समय के लोग अक्सर दही में गुड़ डाल कर दिया करते थे।

बुढापे की लाठी-“बहु”

बुढापे की लाठी-“बहु”

लोगों से अक्सर सुनते आये हैं कि बेटा बुढ़ापे की लाठी होता है।इसलिये लोग अपने जीवन मे एक “बेटा” की कामना ज़रूर रखते हैं ताकि बुढ़ापा अच्छे से कटे।

ये बात सच भी है क्योंकि बेटा ही घर में बहु लाता है।बहु के आ जाने के बाद एक बेटा अपनी लगभग सारी जिम्मेदारी अपनी पत्नी के कंधे पर डाल देता है।

और फिर बहु बन जाती है अपने बूढ़े सास-ससुर की बुढ़ापे की लाठी।जी हाँ मेरा तो यही मनाना है वो बहु ही होती है जिसके सहारे बूढ़े सास-ससुर अपना जीवन अच्छे से व्यतीत करते हैं।

एक बहु को अपने सास-ससुर की पूरी दिनचर्या मालूम होती।कौन कब और कैसी चाय पीते है, क्या खाना बनाना है, शाम में नाश्ता में क्या देना,रात को हर हालत में 9 बजे से पहले खाना बनाना है।अगर सास-ससुर बीमार पड़ जाए तो पूरे मन या बेमन से बहु ही देखभाल करती है।

अगर एक दिन के लिये बहु बीमार पड़ जाए या फिर कही चले जाएं,बेचारे सास-ससुर को ऐसा लगता है जैसा उनकी लाठी ही किसी ने छीन ली हो।वे चाय नाश्ता से लेकर खाना के लिये छटपटा जाएंगे।कोई और पूछने वाला उनके पास नही होता ।

क्योंकि बेटे के पास समय नही है,और अगर बेटे को समय मिल जाये भी तो वो कुछ नही कर पायेगा क्योंकि उसे ये मालूम ही नही है कि माँ-बाबूजी को सुबह से रात तक क्या क्या देना है।

क्योंकि बेटे के चंद सवाल है और उसकी ज़िम्मेदारी खत्म…

जैसे माँ-बाबूजी को खाना खाएं,चाय पियें, नाश्ता किये, लेकिन कभी भी ये जानने की कोशिश नही करते कि वे क्या खाते हैं कैसी चाय पीते हैं।ये लगभग सभी घरों की कहानी है।मैंने तो ऐसी बहुएं देखी है जिसने अपनी सास की बीमारी में तन मन से सेवा करती थी,

और ऐसे कई बहु के उदाहरण हैं!

कभी अगर बहु दुनिया से चले जाएं तो बेटा फिर एक बहु ले आता है, क्योंकि वो नही कर पाता अपने माँ-बाप की सेवा,उसे खुद उस बहु नाम की लाठी की ज़रूरत पड़ती है।

इसलिये मेरा मानना है कि बहु ही होती हैं बुढ़ापे की असली लाठी।

संदेश-

“बहु” की त्याग और सेवा को पहचानिएं

बेटे से पहले बहु को अपना बेटा मानिएं

मनुष्य

जब मनुष्य जन्म लेता है तो उसके पास साँसें तो होती हैं, पर कोई नाम नहीं होता ।

जब मनुष्य की मृत्यु होती है तो उसके पास नाम तो होता है पर साँसें नहीं होती।

इसी सांसों और नाम के बीच की यात्रा को “जीवन” कहते हैं।

न किसी के अभाव में जियो,

न किसी के प्रभाव में जियो।

यह ज़िन्दगी है आपकी, अपने स्वभाव में जियो।

Let her …….. 🙋🏻

When she takes time to select a dish from the menu, let her. Every day, for every meal she has prepared she has given her time to think about what to make, how much, and for whom.
When she takes time to dress up to go out with you, let her. She has given her time to make sure that your ironed clothes are in their place and knows better than you,where your socks are. She has dressed up her child thoughtfully, to look like the most smartly dressed up child around.
When she takes time to watch TV mindlessly, let her. She is only half concentrating and has a clock ticking in her head. As soon as it’s nearing dinner time, you’ll see her disappear to get things ready.
When she takes time to serve you breakfast, let her. She has kept aside the burnt toast for herself and is taking the time to serve her family the nicest ones she could manage.
When she takes time after her tea to just sit by the window and stare into nothingness, let her. It’s her life, she’s given you countless hours of her life..Let her take a few minutes for herself.
She’s rushing through her life, giving chunks of her time whenever needed, wherever needed. Don’t rush her more than she rushes herself.dont push her harder than she pushes herself.
Hats off to all you lovely women❤

Socio-Economic classification simplified 🤣😂🤣😂🤣😅

Lower class – Biskut

Middle class – Biskit

Upper class – Cookies

Lower class – Roomal

Middle class – Hankie

Upper class – Kerchief

Lower class – tamaatar

Middle class – Ta’may’to

Upper class – Toh’mah’toh

Lower class – Sauce

Middle class – Ketchup

Upper Class – Toh’mah’toh dip

Lower class – Lifafa

Middle class – En’ve’lope

Upper class – On’vo’lup

Lower class – Nimbu Paani/Shikanji

Middle class – Lemonade

Upper class –  Virgin Mojito

Lower class – Jean pyant

Middle class – Jeans

Upper class – Denims

Lower class – Chasma

Middle class – Goggles

Upper class – Shades

Lower class – chaddi

Middle class – underwear

Upper class – lawn-juh-Ray

Lower class : Do cutting chai leke aa bé Pintu.

Middle class : Can I have two cups of tea.

Upper class : May I have two chai lattes please. Regular.

Lower class:🤣🤣😂😂

Middle class:😀😃😄😁

Upper class:😊😊🙂🙂